भारतीय रुपया रिकॉर्ड स्तर पर 88.21 तक गिर गया है। निर्मला सीतारमण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहीं हैं, वहीं मोदी जी की पुराने बयानों पर बहस छिड़ गई है। जानिए गिरते रुपए की वजह और अर्थव्यवस्था पर इसका असर।
दोस्तों, आखिर भारतीय रुपया इतना क्यों गिर गया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी? और प्रधानमंत्री मोदी जी क्या इस हालात पर कोई ज्ञान देंगे? क्योंकि ज्ञान देने में तो हमारे मोदी जी हमेशा आगे रहते हैं।
88.21 पर पहुँचा रुपया – इतिहास में पहली बार इतनी गिरावट
भारत का रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर है। एक डॉलर = ₹88.21! आज तक रुपए ने इतनी बुरी हालत कभी नहीं देखी। साफ है कि डॉलर मजबूत होता जा रहा है और रुपया औंधे मुंह गिर रहा है।
जब 62 पर था रुपया तब सीतारमण ने की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस
याद कीजिए, मनमोहन सिंह सरकार के वक्त जब रुपया 62 पर पहुंचा था, तब बीजेपी प्रवक्ता के तौर पर निर्मला सीतारमण ने जोरदार प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने उस वक्त इसे “अनकंट्रोल्ड फॉल” बताया था और सरकार पर सवाल खड़े किए थे।
आज वही निर्मला जी वित्त मंत्री हैं और रुपया 88 तक गिर चुका है। फर्क सिर्फ इतना है कि तब वो विपक्ष में थीं और अब सरकार में।
मोदी जी का पुराना बयान भी याद आया
गुजरात के सीएम रहते हुए नरेंद्र मोदी ने भी गिरते रुपए को लेकर जमकर हमला बोला था। उन्होंने कहा था –
“ये रुपया नहीं गिर रहा है, ये भारत सरकार की साख गिर रही है।”
उन्होंने तब सवाल उठाया था कि नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका की करेंसी क्यों नहीं गिर रही, सिर्फ भारत का रुपया ही क्यों लहूलुहान है।
अब वही सवाल जनता पूछ रही है कि आज जब रुपया रिकॉर्ड स्तर पर गिरा है, तो आखिर जिम्मेदार कौन है?
क्यों गिरा रुपया?
- अमेरिका ने भारत पर 50% तक टैरिफ लगा दिया है।
- भारत का लगभग 50% एक्सपोर्ट अमेरिका पर निर्भर है।
- नतीजा – एक्सपोर्ट पहले ही संकट में है और अब टैरिफ ने हालात और बिगाड़ दिए।
- विदेशी निवेशक (FPI) भी लगातार पैसा निकाल रहे हैं। सिर्फ अगस्त 2025 में ही ₹17,924 करोड़ निकल चुका है।
- इस साल अब तक 1.13 लाख करोड़ रुपए विदेशी निवेशक भारत से बाहर ले जा चुके हैं।
जीडीपी ग्रोथ अच्छी, लेकिन खतरा अभी बाकी
दिलचस्प बात ये है कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.8% रही है। यह अनुमान से कहीं ज्यादा है और आईटी, सर्विस व एग्रीकल्चर सेक्टर में बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
लेकिन ये आंकड़े उस तिमाही के हैं, जब अमेरिकी टैरिफ लागू नहीं हुए थे। असली झटका आने वाले क्वार्टर में दिखेगा, खासकर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वेलरी, कारपेट, श्रिम्प्स जैसे उद्योगों पर।
सरकार के ‘राहत कार्ड’ – GST और टैक्स सुधार
सरकार ने संकेत दिए हैं कि दिवाली से पहले GST स्लैब्स में बड़ा बदलाव होगा।
- 12% वाला स्लैब खत्म करके सिर्फ 5% और 18% स्लैब रहेंगे।
- इनकम टैक्स में भी छूट की बात कही गई है।
लेकिन ये राहत मुख्यतः ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर को मिलेगी। देश का बड़ा हिस्सा जो अनऑर्गेनाइज्ड सेक्टर में है (जैसे किसान और मजदूर वर्ग), उसे इसका सीधा फायदा नहीं मिलेगा।
आखिर सवाल वही – अब किसकी साख गिर रही है?
मोदी जी ने कभी कहा था कि “रुपया गिरना मतलब सरकार की साख गिरना।” अब रुपया इतिहास में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
तो सवाल ये है –
👉 क्या अब सरकार अपनी ही साख पर सवाल उठाएगी?
👉 या फिर इसका ठीकरा भी पिछले सरकारों पर फोड़ा जाएगा?
दोस्तों, आपकी राय क्या है? कमेंट में जरूर बताइए।
- ट्रंप पर बड़ा झटका! अमेरिकी कोर्ट ने टेरिफ को अवैध बताया – भारत और दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?
- 26 अगस्त की बारिश से तबाह हुआ शहर: 6000 घर डूबे, फर्नीचर-गाड़ियां बर्बाद
- ₹88 पर लुढ़का रुपया! PM मोदी- वित्त मंत्री सीतारमण पर उठे सवाल
- बॉयफ्रेंड की बेवफाई ने बदली ज़िंदगी: ट्रेन में मिले करण से रचाई शादी, श्रद्धा तिवारी की फिल्मी लव स्टोरी
- PM मोदी की जापान यात्रा से भारत को मिला बड़ा तोहफा: चंद्रयान फाइव लॉन्च और 1.15 लाख करोड़ का निवेश!

Hello I am Chandrashekhar Here will be provided the Google news All the news through internet, social media will be correct as per my knowledge. If you are following any news, then you have to check its satta. The website will not be responsible for it. However, you will have to keep all the news in mind.Here all the news will be delivered to you authentically. This website is only for the educational news and the other news which is useful to the people.